Kanpur is widely known for its calm surroundings and friendly localities. The city has seen a significant boom in corporate culture and activities like river rafting on the sides of the Ganges. However, beyond the amazing scenery, places and enjoyment, the city is widely famous for its premium call girls Kanpur, that provides ultimate arousal and intimate satisfaction. With a starting rate of just ₹2000, our city call girls are highly motivated to cater your experiences with quick arrival time and 24/7 availability.
Find Related Category Ads
To have the woman of your dreams in your arms, you should check out our website for adorable call girls in Kanpur. Look around the images available to find real profiles of these escorts. This will give you an idea of just how attractive they are, how they behave, their hobbies, and what they like. TOTTAA makes sure you will get what you have ordered.
The females are always focused on making the customer happy, which means you. How can you be thrilled tonight by any of these stunning upper-class female escorts? They will undoubtedly show up at your home or hotel, or you may just go to theirs. Simply stating who you are really looking for would be beneficial. Kanpur escort service will surely make all your sexual desires happen. It is really that simple.
Want to spend a peaceful evening at home where you can fulfill all your dreams? You can search for real profiles of some of the trendiest, most exposed girls you will ever meet at TOTTAA. You can pick gorgeous and seductive call girls in Kanpur through us.
Our call girls are available across all famus locations in kanpur city,including Kalyanpur, Kakadeo, Rawatpur, Govind Nagar, Swaroop Nagar, and nearby areas.Location based availability ensures faster response time and arrange meetings minimal times.
कानपुर की हमारी सीधी-सादी कॉल गर्ल्स के साथ एक शानदार अनुभव प्राप्त करें। प्रीमियम कॉल गर्ल्स केवल ₹2000 से शुरू होने वाली सेवाओं के साथ, जेब के अनुकूल तरीके से विलासितापूर्ण आनंद प्रदान करती हैं। इसके अलावा, हमारी लड़कियां कोई अग्रिम भुगतान नहीं मांगती हैं, जिससे पूर्ण विश्वास और सुविधा के साथ 100% संबंध बनता है।
हालांकि, दरें सेशन के समय और आपके द्वारा चुने गए स्थान के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। आकर्षक स्थानीय कॉल गर्ल्स, कॉलेज की सुंदरियां, अनुभवी गृहिणियां और रूसी एस्कॉर्ट्स में से चुनें। हमारी कॉल गर्ल्स आपको सर्वोत्तम तरीके से सेवा देने के लिए 24/7 उपलब्ध हैं।
असीमित शॉट्स और अतिरिक्त लाड़-प्यार के साथ पूरी रात की बुकिंग। सभी कीमतों में स्वच्छता, सुरक्षा और आपको प्रदान की जाने वाली संगति शामिल है।
| Category | 1-2 Hour | 3-4 Hour | Full Night |
|---|---|---|---|
| Local Call Girl Kanpur | ₹2,000 – ₹4,000 | ₹6,000 – ₹8,000 | ₹12,000 – ₹15,000 |
| House Wife Escorts | ₹4,000 – ₹6,000 | ₹8,000 – ₹10,000 | ₹15,000 – ₹20,000 |
| College Call Girl in Kanpur | ₹5,000 – ₹7,000 | ₹10,000 – ₹12,000 | ₹18,000 – ₹25,000 |
| Russian Escorts | ₹8,000 – ₹12,000 | ₹15,000 – ₹20,000 | ₹30,000 – ₹40,000 |
| VIP Kanpur Call Girl | ₹12,000 – ₹18,000 | ₹25,000 – ₹30,000 | ₹50,000+ |
| Celebrity Lookalikes | ₹15,000+ | ₹30,000+ | ₹60,000+ |
There are moments when life becomes boring. Your life may be revitalized at any moment. You enjoyed one of your greatest holidays if you traveled to Kanpur to take part in the exhilarating adventure. You may make the most of your vacation with stunning and alluring call girl Kanpur who might end up at any time. Put away your worries and let Kanpur local girls satisfy your needs if you’re lonely. You may be sure that TOTTAA ads will make you feel like you’re in paradise.
Feeling liberated from your everyday routine and a fresh sensation of fatigue, you may relax in bed with these women. Nonetheless, they are a great option for providing you with a fulfilling experience and guiding you. They are clever and have all the skills necessary to excite you to a greater level. During your intercourse, let your desires run wild.Moreover, our booking process is very simple, just call on below provided contact info and enjoy a vast experience with our Kanpur call girls.
What could be more gorgeous than a sensual, curvaceous ass that you can touch with your bare hands? It’s certain that everyone enjoys attractive, curvaceous bodies. We will have the top call girls in Kanpur. They have a positive experience and provide professional services. If you are having trouble discovering escorts in Kanpur, you may get in touch with us.
Don’t worry if you can’t enjoy making out with escorts because of health issues. They know how to manage the situation when they employ an escort service in Kanpur for the first time. You may take them anywhere in the city to have sex. It will be very helpful to those who are new to the region.
It might be difficult to restrain your sexual urges if you are currently a virgin. The finest way to satisfy your erotic desires is to hire a fantastic escort service Kanpur. You may employ these women’s various sex services to have the finest orgasm possible while watching adult and pornographic films. You may also take part in the following activities: you may go anywhere with escorts, blowjobs, handjobs, naked video callings, anal sex, three or foursome, and foreplay. With TOTTAA you can easily book extremely gorgeous girls by selecting from the real profiles given on our online portal. So what are you waiting for? Go and enjoy your day!
Clients looking for similar premium experiences in other cities can also explore our Indore escort service and Jaipur escort service.
Yes, escort services are available in many popular locations of Kanpur including major hotels and residential areas depending on availability.
Our service is not like other services since we provide you with verified profiles, professionalism, high protection of privacy, and simple booking in Kanpur.
Yes we provide both in-call and out-call call girl service in Kanpur. In Out-call you just need to let us know the place for the safety of our girls.
call girl service in Kanpur can give good companionship for both social and private events. We provide each client with services that are made just for them.
Yes, our beautiful call girls will keep you safe and respect your privacy. Our key goal is to keep conversations and transfers safe.
You may easily book using our website or WhatsApp. Be careful and choose the girl you like most.
You may pay us in person or online. There are no extra fees or expenses with our Kanpur call girl service.
You can definitely have a great time with our Kanpur escort services. When you book, speak about what you enjoy so you know you'll be happy.
मेरा नाम राहुल है और मैं Hindi Sex Stories नोएडा में अपने परिवार समेत रहता हूँ। मेरे एक ही चाचा हैं और वो हमसे अलग घर में रहते हैं। उनकी शादी को लगभग पंद्रह साल हो चुके हैं और दो बच्चे भी हैं। पहले हमारी और चाचा जी की कोई खास बातचीत नहीं होती थी क्योंकि मेरे चाचा की काफ़ी उँची पोस्ट थी। वे हमारे मुक़ाबले में काफ़ी अमीर थे, इसी वजह से चाचा और चाची काफ़ी घमंडी थे और हमसे बात करना पसंद नहीं करते थे।
लेकिन एक दिन ऐसा आया कि उन्हें हमारे सहारे की ज़रूरत हुई।
हुआ यूँ कि मेरे चाचा जी का ऐक्सिडेंट हो गया जिससे उन्हें काफ़ी गंभीर चोट आई। वो दो महीने तक ‘आई. सी. यू.’ में रहे। उनके बचने की संभावना बहुत कम थी। किसी तरह से उनकी जान तो बच गयी लेकिन उनकी रीढ़ की हड्डी टूटने से वो चल फिर नहीं पा रहे थे और उनको दिमागी चोट भी लगी थी, जिनसे उनके सोचने समझने की शक्ति कम हो गयी थी। उनको ठीक होने के लिए काफ़ी वक्त चाहिए था।
खैर मुश्किल की घड़ी में अपने ही काम आते हैं, इसी वजह से मेरा चाचा जी के घर में काफ़ी आना-जाना हो गया। मैं उनकी सच्चे मन से सेवा करता और चाची को भी घर के कामो में मदद करता।
मेरी चाची दिखने में काफ़ी सुंदर हैं और उनके स्तन काफ़ी बड़े है। वो घर में हमेशा सलवार सूट पहनती हैं। उनके बड़े बड़े स्तन उनके सूट में नहीं समाते और हमेशा बाहर झाँकते रहते थे जिससे मेरी निगाहें उनपे जम जाती। हालाँकि मुझे ये सब ग़लत भी लगता था लेकिन क्या करूँ, कंट्रोल ही नहीं होता था। कभी कभी चाची भी मुझे अपने स्तनॉ में झाँकते हुए देख लेती थी लेकिन फिर भी वो उनको छुपाने की कोशिश नहीं करती थी, जिससे मुझे लगता कि शायद वो भी मुझे अपने स्तन दिखाना चाहती हैं लेकिन फिर मैं सोचता कि ये मेरा भ्रम ही होगा और मैं नज़रे घुमा लेता।
मेरा चाचा की हालत में सुधार हो रहा था लेकिन चाची फिर भी दुखी रहती थी। मैं पूछता तो कुछ नहीं बताती थी।
एक दिन जब चाचाजी सो रहे थे और उनके दोनों बच्चे स्कूल गये थे तो चाचीजी इसी तरह से ऊपर छत पे उदास बैठी हुई थी। मैंने उनसे पूछा कि चाची अब तो चाचा की तबीयत भी सुधर रही है, आप फिर भी क्यों उदास रहती हो? आख़िर बात क्या है?
तो उन्होंने कुछ नहीं बताया लेकिन मेरे बार बार पूछने पे वो बोली- राहुल बात यह है कि जब से तुम्हारे चाचा जी की तबीयत खराब हुई है मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रही हूँ। एक औरत को एक मर्द के साथ की ज़रूरत होती है, जो मुझे नहीं मिल रहा है।
तो मैं बोला- चाची मेरे होते हुए आप फिक्र क्यों करती हैं, मैं हूँ ना आपके साथ।
चाची बोली- तूने हमारी बहुत मदद की है लेकिन मेरा समस्या तुम नहीं सुलझा सकते।
मैंने कहा- क्यों नहीं चाची मैं आपकी हर प्रकार से मदद करूँगा, आप बताएँ तो सही कि बात क्या है? अभी तक मैं समझा नहीं था कि चाची किस अकेलेपन की बात कर रही थी।
वो बोली- नहीं तुम मेरे बेटे जैसे हो और यह परेशानी तुम नहीं सुलझा सकते। मैं तुमसे ऐसी बात भी नहीं कर सकती।
अब तक मुझे कुछ अंदाज़ा हो गया था कि चाची किस और इशारा कर रही है, लेकिन यह बात मैं उन्हीं के मुँह से सुनना चाहता था। मैंने कहा- चाची आख़िर बताएँ तो बात क्या है?
कुछ सोचते हुए वो बोली- मैं शारीरिक रिश्ते की बात कर रही हूँ। देखो तुम मुझे ग़लत ना समझना, तुमने पूछा तो मैंने बता दिया। हर औरत को शारीरिक सम्बन्ध की ज़रूरत होती है और मुझे भी है मैं इसीलिए उदास रहती हूँ।
यह सुनकर मैं कुछ नहीं बोल सका।
लेकिन चाची जी शायद कुछ ज़्यादा ही अकेलापन महसूस कर रही थी। वो बोली- बोलो ! चुप क्यों हो गये? क्या तुम मेरी ये समस्या सुलझा सकते हो? मेरा अकेलापन दूर कर सकते हो?
मैंने कहा- चाचीजी ! मैं कर तो सकता हूँ लेकिन ये तो ग़लत होगा। हम इस तरह से चाचाजी को धोखा नहीं दे सकते !
इसीलिए तो मैं तुम्हें नहीं बता रही थी। पहले मैं रोज तुम्हारे चाचा के साथ सेक्स करती थी। अब इसी वजह से मेरा कहीं मन नहीं लगता। जी करता है कि आत्महत्या कर लूँ। देखो, अब तुम मेरी समस्या सुलझा सकते हो, वरना मैं मर ही जाऊँगी।
मैं भी एक जवान लड़का था। मेरा भी मन सेक्स के लिए करता था, इसीलिए मैंने कहा- नहीं चाची ! ऐसा मत कहो, मैं तुम्हारा साथ देने के लिए तैयार हूँ।
यह सुनकर वो बहुत खुश हुई और उठकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उनका नर्म स्पर्श पाकर मेरा मन भी मचल उठा और मैंने उनके बड़े से स्तन को पकड़ लिया। क्या कमाल का अहसास था ! मैंने पहले बार किसी औरत के स्तन को पकड़ा था। उपर से नरम नरम और जोर से दबाओ तो सख़्त लगता था। सच में बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर मैंने चाची को अपनी गोद में उठा लिया और उन्हें अंदर कमरे में ले गया। वहाँ वो बुरी तरह से मेरे होंठो पे टूट पड़ी और उन्हें चूसने व काटने लगी। मैं भी उनका साथ देने लगा। फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और मैं उसे चूसने लगा। क्या गरम गरम अहसास हो रहा था ! हम इसी तरह करीब पाँच मिनट तक किस करते रहे। फिर मैंने उनके कपड़े उतारने शरू किए।
उस दिन भी वो सलवार-सूट में थी। मैंने पहले कमीज़ फ़िर सलवार भी उतार दी और पीछे हट कर उनके बदन को देखने लगा। वो ब्रा और पेंटी में कमाल लग रही थी। मैं ये देखकर हैरान था कि दो बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने खुद को बहुत फिट रखा था। बड़ी चुचियाँ और पतली कमर, उनका फिगर शानदार था। मैं उन्हें देखता ही रह गया।
तभी वो आगे बढ़ी और मेरे पैंट और शर्ट उतार दिए। इसके बाद मैंने उनकी ब्रा उतारी तो बड़ी बड़ी चुचियाँ उछल कर बाहर आ गईं। क्या चुचियाँ थी ! बिल्कुल दूध जैसी सफेद और बीच में साँवले रंग का निप्पल बहुत जँच रहा था। मै तो पागल हो गया था और उनके निपल और चुचियों को चूसने व काटने लगा। एक बार तो मैंने बहुत ज़ोर से काट लिया तो वो चिल्ला उठी, बोली- बदमाश क्या कर रहे हो? इन्हें खा ही जाओगे क्या?
मैंने कहा- मन तो बहुत कर रहा है चाची खाने का !
तो वो बोली- फिलहाल तुम मुझे चाची मत कहो, बड़ा अजीब सा लगता है।
मैंने कहा- ठीक है पूनम डार्लिंग ! और उनकी पेँटी भी उतार दी। घनी झांटो के बीच उनकी फूली हुई चूत अब मेरे सामने थी। वह देखने में ही काफ़ी गरम लग रही थी। जब मैंने उसे छुआ तो सचमुच में काफ़ी गरम थी। मैं उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा। झांटों की वजह से वह जगह काफ़ी मखमली और मुलायम लग रही थी।
अब चाची घुटनों के बल बैठ गई और मेरा अंडरवीअर उतार दिया। अंडरवीअर उतरते ही मेरा खड़ा हुआ लंड चाची के गाल से जा लगा। वो मेरे लंड को देखकर बहुत खुश हुई और बोली- वाह !!!! कितना प्यारा है, तुम्हारा लंड तो बिल्कुल तुम्हारे चाचा जैसा ही है। इतना कहकर उन्होंने मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया।
मैं यह देखकर काफ़ी हैरान रह गया। मुझे अंदाज़ा नहीं था कि मेरी चाची इतनी वाइल्ड नेचर की होगी। अब तक मैंने लण्ड को चूसते हुए सिर्फ़ ब्लू फ़िल्मो में ही देखा था। पहली बार यह मेरा अपना अनुभव था।
चाची के मुंह का गरम स्पर्श बहुत आनंद दे रहा था। कभी वो मेरे लंड को जीभ से चाटने लगती तो कभी अपने मुंह के अंदर लेकर चूसने लगती। उस वक्त जो मज़ा मुझे आ रहा था वो मैं बता नहीं सकता। थोड़ी ही देर बाद मुझे अपने लंड पे दबाव सा महसूस होने लगा मैं समझ गया कि मैं झड़ने वाला हूँ, मैंने चाची को कहा- पूनम जान ! मैं झड़ने वाला हूँ।
लेकिन वो मेरी बात को अनसुनी करके लंड को चूसती रही। मैं भी नहीं चाहता था कि वो लंड को बाहर निकाले।
फिर मेरा शरीर काँपने लगा और मेरे वीर्य का फव्वारा चाची के मुँह में ही छुट गया, मेरे वीर्य से उनका मुँह भर गया और कुछ वीर्य उनकी चुचियों पे भी गिर गया इसकी वजह से वो और भी हसीन लग रही थी।
मैं पहले भी हस्तमैथुन करता था लेकिन जो मज़ा आज चाची के मुखमैथुन से आया, ऐसा मज़ा कभी महसूस नहीं किया।
तभी चाची मेरे और देख कर बोली- क्यों मज़ा आया?
मैंने कहा- जान ! तुम्हारी कसम ! ऐसा मज़ा मुझे जिंदगी में कभी नहीं आया।
फिर वो बोली- तो मुझे भी ऐसा ही मज़ा दो ना ! और ये कहकर वो अपनी टांगें फैलाकर बेड पे लेट गई। मैं समझ गया कि वो मुझसे अपनी चूत चटवाना चाहती हैं।
एक बार झड़ने के बावजूद भी मेरा जोश कम नहीं हुआ था क्योंकि चाची जो मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी।
मैं तुंरत चाची की टांगों के बीच में बैठकर उनकी चूत चाटने लगा। मैं पहली बार किसी औरत की चूत चाट रहा था, लेकिन फिर भी बहुत अच्छी तरह से चाट रहा था क्योंकि ब्लू फिल्म देखने का मेरा अनुभव मेरे काम आ रहा था। मैंने अपनी पूरी जीभ चाची की चूत के अंदर डाल दी और उसे अंदर बाहर करने लगा। फिर मैंने एक उंगली भी उनकी चुत में पेल दी। जल्द ही वो अपना शरीर उठा उठा कर मेरे मुँह पे मारने लगी। मैंने अंदाज़ा लगा लिया कि वो झड़ रही हैं और अपनी जीभ की स्पीड और भी तेज कर दी।
वो चींखती हुई हाई ए हा अए करती हुई झड़ गयी।
कुछ देर तक हम शांत रहे। फिर मैंने कहा- जान आगे का काम शुरु करें?
‘क्यों नहीं।’ वो बोली।
अब मैं फिर से उनकी टाँगों के बीच में था। तभी वो बोली- देखो राहुल काफ़ी समय से मेरी चूत के अंदर लंड नहीं गया है इसीलिए थोड़ा आराम आराम से ही डालना और जितना मैं कहूँ उतना ही डालना !
मैंने कहा- जान तुम चिंता ना करो, मैं बड़े प्यार से डालूँगा।
फिर मैंने उनकी चूत पे अपना लण्ड टिकाकर हल्के से दबाया तो उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली। मेरा लंड आसानी से उनकी चूत में जाने लगा। करीब दो इंच लंड अंदर डालकर मैंने उनसे पूछा- जान और डालूँ?
उन्होंने कहा- हाँ !
मैंने थोड़ा लंड और सरकाकर पूछा- और?
वो बोली- हाँ और !
और?
हाँ और !
इसी तरह करते करते मेरा पूरा लंड उनकी चुत में चला गया। फिर मैंने ऐसे ही मज़ाक में कहा- और?
वो बोली- थोड़ा और !
मैंने कहा- पूरा तो अंदर ले गई, अब और कहाँ से लाऊँ?
अरे वाह ! तुमने तो बड़े ही प्यार से डाला, बिल्कुल दर्द नहीं हुआ।
फिर मैंने अपना पूरा लंड झटके से बाहर निकाल कर एक ही झटके में अंदर डाल दिया। इस बार वो चिल्ला पड़ी- हाय मर गयी ! मैंने कहा था कि आराम से डालना !
मैं बोला- ठीक है। और धीरे धीरे लण्ड को अंदर बाहर करने लगा।
थोड़ी ही देर बाद वो नीचे से उछ्लने लगी तो मैंने भी अपनी स्पीड तेज कर दी अब उन्हें दर्द नहीं हो रहा था और वो मज़े में चिल्ला रही थी- आऽऽऽऽ आअऽऽऽ ईऽऽऽ ऐऽऽऽ ईऽऽऽऽऽ शीईऽऽऽऽ मजा आ रहा हाय और जोर से हाय ऽऽऽऽऽ क्या बात है ! हाय !!!!!!!!!
क्योंकि हम दोनों ही कुछ देर पहले झड़ चुके थे इसीलिए इस बार ज्यादा समय तो लगना ही था। मैं करीब दस मिनट तक उनकी चूत में लंड पेलता रहा। फिर वो बोली- अब तुम नीचे आ जाओ और मुझे ऊपर आने दो !
मैंने कहा- ठीक है।
अब वो मेरे लण्ड पे बैठकर कूद रही थी। जब वो कूदती तो साथ साथ उनकी चुचियाँ भी ऊपर नीचे उछल रही थी। वो सीन वाकई में लाजवाब था।
कुछ देर बाद मैंने फिर से उनको नीचे गिरा लिया।
अब वो पीठ के बल लेटी हुई थी और मैं उनकी कमर पे लेट कर उन्हे चोद रहा था।
मत पूछो यारो क्या मज़ा आ रहा था और चाची का तो मुझसे भी बुरा हाल था- वो लगातार चिल्ला रही थी- हाय आऽऽऽऽ ओऊ !!
आख़िरकार हमारी मंज़िल नज़दीक आने लगी थी। मुझे अपने लंड में गुदगुदी सी महसूस होने लगी थी और चाची भी चिल्लाने लगी थी- हाय मैं झड़ने वाली हूँ और ज़ोर से !!! और ज़ोर से!!! आऽऽऽऽऽऽ फ़ाड़ डालो मेरी चूत को हाय ऽऽऽऽऽ उई ऽऽऽऽ हाय मैं मर गई ! आआआ आऽऽऽऽऽऽ अआया !!
ऐसे ही चिल्लाते हुए वो झड़ गयी और कुछ ही देर में भी चिल्लाया- हाय जान, मैं भी आ रहा हूँ हाय !!!!!!
और मैंने उनकी चूत में अपने लंड का फव्वारा छोड़ दिया।
फिर हम दोनो शांत हो गये और लेट गये कुछ देर लेटने के बाद चाची ने एक कपड़े से मेरा लंड साफ़ किया और अपनी चूत की भी सफाई की।
हम दोनों फिर से एक दूसरे को किस करने लगे। फिर अपने अपने कपड़े पहन लिए और नीचे आ गये। अब मेरी चाची काफ़ी खुश लग रही थी।
उस दिन से आज तक हम यूँ ही मज़े ले रहे है, अब मेरी चाची काफ़ी खुश और संतुष्ट लगती है। Hindi Sex Stories
यह आज से एक साल पुरानी बात है, मुझे चेटिंग Antarvasna करने का बहुत शोक है और मैं चेटिंग पर लड़कियों और शादीशुदा औरतों से सेक्स की बातें किया करता था। उनको चेट के जरिये चोदा करता था, मजा आता था इस सब में। मुझे पर फ़िर धीरे धीरे वस्तविक सेक्स करने की इच्छा होने लगी। इसलिए मैंने चेटिंग पर असंतुष्ट महिला की तलाश शुरू कर दी।
एक दिन मैं चेट करने के लिए किसी को ढूंढ रहा था, तभी मुझे एक प्राइवेट मैसेज मिला, वो एक औरत का मैसेज था। वो अपने पति से असंतुष्ट थी, उसका नाम रचना था, उसकी उमर ३२ साल थी। उसने मुझे अपना फ़ोन नम्बर दिया और शाम को फ़ोन करने के लिए बोला। मैंने जब शाम को उसको फ़ोन किया थो उसने मुझसे ज्यादा बात ना करते हुए सिर्फ़ अपना पता दिया और २ दिन बाद आने के लिए कहा।
मैं जब उसके घर गया तो वो अकेली थी। वो एक बहुत ही सुंदर महिला थी उसको देख कर लगता नहीं था कि वो ३२ साल ही की है। हम दोनों सोफे पर बैठ गए और बात करने लगे। मैंने उससे पूछा- आपके पति क्या करते हैं?
तो वो कहने लगी कि वो एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में काम करता है और ज्यादातर बाहर ही रहता है इसीलिए उसको समय नहीं दे पाता और वो तड़पती रहती है। उसकी शादी को ५ साल हो गए लेकिन उनके कोई बच्चा भी नहीं है। फ़िर वोह रोने लगी। मुझे उस पर बहुत दया आई और मैं उठकर उसके पास गया और उसको चुप करने लगा।
वो एकदम से मुझसे चिपट कर रोने लगी। मुझे उसकी चुचियों का दबाव अच्छा लगने लगा और मेरा लण्ड खड़ा होने लगा। मैंने उसकी कमर पर हाथ फिराना शुरू कर दिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा। अब उसकी रोने की सिसकी मस्ती की सिसकी में बदल गई। मैं धीरे धीरे उसकी चुचियों को दबाने लगा। उसकी चूची एकदम टाइट हो गई। अब वो पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थी।
मैंने उसका ब्लाउज़ उतार दिया और ब्रा भी। मैं तो उसकी चूची देख कर हैरान रह गया, क्या मस्त एक दम सीधी खड़ी थी !
मैंने उनको जोर जोर से दबाना और चूसना शुरू कर दिया। उसने भी मेरी पैंट खोल कर मेरा लण्ड बाहर निकाल लिया और उसको सहलाने लगी। वो मेरा लण्ड देख कर बहुत खुश हो गई, कहने लगी कि उसके पति का तो बहुत छोटा है !
फ़िर उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैंने उसके। उसका खूबसूरत नंगा जिस्म देख कर मैं तो पागल हो गया। मैंने उसको वहीं ज़मीन पर लिटाया और उसके पूरे शरीर पर किस करना शुरू कर दिया। वो जोर जोर से आआआआअह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊमम्म्म्म्म करने लगी।
फ़िर मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली डाल दी और चोदने लगा। उसकी चूत बहुत कसी लग रही थी। उसको बहुत मजा आ रहा था। फ़िर मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और उसको चाटने लगा। उसके दाने को जीभ से सहलाने लगा। वोह जोर जोर से अपनी गांड उठाने लगी और चिल्लाने लगी- जोर जोर से करो ! मैं झड़ने वाली हूँ ! आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊस्स्स्स्स्स्स्म्म्म्म्म करने लगी।
तभी उसने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा दिया और झड़ने लगी। मैं उसका सारा पानी पी गया। फ़िर वो खड़ी हो गई और मुझसे लिपट गई और कहने लगी- जीतू आज तक मैं प्यासी थी, तुमने आज मुझे संतुष्ट कर दिया !
मैंने कहा- जान ! अभी तो आधा काम हुआ है !
और फ़िर मैं उसको अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा कर उसकी चूची को चूसना शुरू कर दिया। वो दोबारा गरम होने लगी। मैंने उसके ड्रेसिंग से तेल उठाया और उसके पूरे बदन पर डाल कर मालिश करने लगा। वो मस्ती में जोर जोर से चिल्लाने लगी- येस्स ! स्स्स्स्स आआआआअ ऊऊ !
मैं धीरे धीरे उसकी गांड में ऊँगली डालने लगा। वो एक दम से उछल पड़ी और मुझे देख कर मुस्कराने लगी। उसकी आँखों में वासना थी। फ़िर मैंने उसको उल्टा किया और उसकी गांड चाटने लगा। वो मस्ती से बोलने लगी। मैंने उसकी गांड में अपनी दो ऊँगलियाँ घुसा दी और उसको चोदने लगा।
फ़िर मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गांड पर लण्ड रखा। वो कहने लगी कि धीरे करना ! मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई !
मैंने धीरे से अपना लण्ड गांड में दबाया और एक झटका दिया। जैसे ही गांड में लण्ड का टोपा घुसा, वो चिल्ला पड़ी।
मैं रुक गया और उसकी चूची दबाने लगा। उसको मजा आने लगा। फ़िर मैंने एक झटका जोर से लगा दिया पूरा का पूरा लण्ड तेल की वजह से गांड को चीरता हुआ अंदर घुस गया। वो जोर से चिल्ला पड़ी और रोने लगी। फ़िर मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उसको सीधा करके उसकी चूत मे लण्ड घुसाने लगा।
मैंने धीरे से लण्ड चूत मे डाला तो चूत के पानी की वजह से लण्ड जाने लगा और धीरे धीरे मैंने पूरा लण्ड उसकी चूत मे घुसा दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी, शायद उसके पति ने उसे ज्यादा नहीं चोदा था उसको, जैसे कि उसने बताया था।
खैर जैसे ही मैंने एक झटका दिया, वो जोर से बोली- जीतू प्लीज़ ! धीरे ! मैं मर जाऊंगी ! तुम्हारा लण्ड बहुत मोटा है, आराम से करो !
मैंने धीरे धीरे झटके देने शुरू कर दिए और अपना पूरा लण्ड उसकी चूत की गहराई में उतारने लगा। उसको अब मजा आने लगा और वो अपनी गांड उठाने लगी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ाई और तेज तेज चोदने लगा।
तभी उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरी पीठ में अपने नाखून गड़ा दिए और चिल्लाते हुए झड़ने लगी। फ़िर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लण्ड डाल दिया और उसको चोदने लगा। अब वो मस्ती में थी। मैं कभी उसकी चूत में लण्ड डाल कर चोदता तो कभी गांड में। वो फ़िर से झड़ गई। अब मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाला और जोर जोर से चोदने लगा।
मैंने उसको सीधा लिटाया और उसके पैर उसके कंधो तक मोड़ कर उठा दिए। इससे मेरा लण्ड सीधा उसकी बच्चेदानी तक पहुँचने लगा। अब मैं झड़ने ही वाला था कि वो भी झड़ गई और मैं भी !
मैं इतनी जोर से पहले कभी नहीं झड़ा था। मैं १५ मिनट तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसकी और मेरी आँख लग गई। करीब १ घंटे बाद मेरी आँख खुली तो वो सो रही थी। मैं धीरे से उठा और उसको देखने लगा। मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला, मैं उसके गोरे बदन को सहलाने लगा। इससे वो भी उठ गई और मेरा लण्ड पकड़ कर सहलाते हुई कहने लगी- जीतू तुमने आज मुझे पूरी औरत बना दिया है !
और मेरा लण्ड चूसने लगी। उसके मुँह में लण्ड जाते ही मेरा लण्ड फ़िर से खड़ा हो गया चोदने के लिए। मैंने फ़िर उसको कुतिया की तरह और कई प्रकार से चोदा और फ़िर उसकी चूत मे ही झड़ गया।
घड़ी में समय देखा तो शाम के ५ बज रहे थे। मैं उठा और अपनी कपड़े पहनने लगा। यह देख कर वो मुझसे लिपट गई और कहने लगी- आज की रात मत जाओ ! कल चले जाना !
दोस्तों उसकी इतनी प्यार से की गई प्रार्थना की वजह से मैं रुक गया और रात भर मैंने उसको ४-५ बार चोदा अलग अलग तरीके से।
सुबह उसके चेहरे पर एक चमक थी और संतुष्टि भी। मैंने अपनी कपड़े पहने और जाने लगा तो उसने मुझे ५००० रुपए दिए। मैंने मना कर दिया तो भी उसने मुझे जबरदस्ती ३००० तो दे ही दिए।
और मैं फ़िर मिलने का वादा करके वापस आ गया। उसके बाद उसने मुझे ३-४ बार बुलाया और अपनी एक फ्रेंड से भी मिलवाया।
यह कहानी फ़िर अगली बार !
तब तक आप सब लड़कियां, भाभी और आंटियाँ अपनी चूत में ऊँगली डाल कर अपना पानी निकालो !
तो कैसी लगी मेरी कहानी मुझे मेल करें ! Antarvasna
मैं प्रतीक, मध्यप्रदेश का Antarvasna रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का पिछले एक वर्ष से नियमित पाठक हूँ। मैंने यहाँ बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं। मैं भी आप सबसे अपना अनुभव बांटना चाहता हूँ।
मैं ऍमबीए का छात्र हूँ। यह कहानी तब की है जब मैं ऍमबीए करने के लिए नया-नया इंदौर आया था। इंदौर आने पर मेरी सबसे पहली समस्या यह थी कि मुझे एक अच्छे कमरे की तलाश करनी थी। मेरे कुछ दोस्त पहले से इंदौर में पढ़ाई कर रहे थे इसलिए उन्होंने मुझे जल्दी ही एक अच्छा कमरा दिलवा दिया।
मेरी जिन्दगी अच्छी तरह से चल रही थी। मैं जहाँ पर रहता था, उस कालोनी में बहुत सी सुन्दर महिलाएं और लड़कियां रहती थी। मैं कॉलेज में व्यस्त होने क कारण किसी पर भी ज्यादा ध्यान नहीं देता था।
मैंने एक दिन देखा कि मेरे पास वाले कमरे में कुछ नए लोग रहने के लिए आये हैं। वो कुल मिलकर तीन लोग थे- पति, पत्नी और उन भाभी की छोटी बहन!
भाभी देखने में बहुत ही सुन्दर थी, भाभी का जिस्म 34-28-36 का होगा। उनकी नई-नई शादी हुई थी।
एक दो बार कॉलेज आते जाते हुए ऐसे ही हम दोनों ने एक दूसरे को देखा था। दो एक महीने तो ऐसे ही गुजर गए, मैं भी अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया।
एक दिन जब मैं अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। अचानक मेरे कमरे की घंटी बजी, मैंने जब दरवाज़ा खोला तो देखा कि पास वाली भाभीजी सामने खड़ी थी।
मैंने उनको हेल्लो कहा और अन्दर आने को कहा।
उन्होंने मुझसे कहा- आज तुम्हारे भैया बाहर गए हुए हैं, मुझे बाज़ार से कुछ चीजें मंगवानी हैं, क्या आप मेरी चीजें कॉलेज से आते वक़्त ले आयेंगे?
मैंने कहा- ठीक है मैं ले आऊंगा!
क्योंकि जहाँ से मुझे उनकी चीजें लेनी थी वो मेरे कॉलेज के रास्ते में ही है।
वो मुझे धन्यवाद कहकर अपने घर चली गई…
मैं भी तैयार होकर अपने कॉलेज चला गया और लौटते समय उनका सामान ले आया। मैं अपने कमरे पर नहाकर, कपड़े बदलकर भाभी के घर सामान देने गया।
भाभी ने मुझे अन्दर बुलाया, उन्होंने अपनी बहन से मेरा परिचय कराया। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा, मेरे बारे में बहुत सी बातें पूछी जैसे कि मैं कहाँ का रहने वाला हूँ, मेरा नाम क्या है, मैं क्या करता हूँ….
कुछ देर बात करने के बाद मैं अपने कमरे पर वापिस आ गया।
कुछ दिन ऐसे ही निकल जाने के बाद मेरी और भाभी की अच्छी दोस्ती हो गई।
मैंने भाभी से भैया के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया- वो एक कंपनी में काम करते हैं और इस कारण अधिकतर घर से बाहर ही रहते हैं।
अब भाभी मेरे से पूरी तरह से खुल गई थी, मैं भी उन्हें सारी बातें बताता था।
एक बार भाभी ने मुझसे पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड हैं?
मैंने कहा- नहीं हैं!
उन्होंने कहा- क्यों ? तुम तो बहुत ही अच्छे और स्मार्ट लड़के हो!
तो मैंने उनसे कहा- मुझे पढ़ाई से ही समय नहीं मिलता है!
वो यह सुनकर थोड़ी खुश दिखी। मुझे उस वक़्त तक नहीं मालूम था कि क्यों!
कुछ दिन निकल जाने के बाद मैंने देखा कि भाभी उदास-उदास सी रहने लगी हैं। पहले तो मुझे लगा कि शायद अपने घर वालों की याद आ रही होगी लेकिन एक दिन मैंने देखा कि वो बहुत ज्यादा उदास हैं। वो मेरे कमरे पर यूँ ही आई थी, मैंने उनसे उनकी उदासी का कारण पूछा तो उन्होंने कहा- कुछ नहीं!
पर मैंने उनसे कहा- अगर आप मुझे अपना अच्छा दोस्त समझती हैं तो मुझे अपनी दिक्कत बताओ!
तो उन्होंने कहा- मुझे तुम्हारे भैया की बहुत याद आ रही है!
तो मैंने कहा- उनसे बात कर लो फ़ोन पर!
तो उन्होंने कहा- मुझे जो चाहिए वो बात करने से नहीं मिलेगा!
मैंने कहा- मैं समझा नहीं?
उन्होंने कहा- शादी के बाद मुझे तुम्हारे भैया से पूरा सुख नहीं मिला है!
पहले तो मैं समझा नहीं, पर एक दम मुझे लगा कि शायद भाभी प्यासी हैं, उनकी बहुत दिन से चुदाई नहीं हुई है।
मैंने भाभी से कहा- तो फिर आप भैया को कुछ दिन के लिए यहीं पर बुला लीजिये!
उन्होंने बताया कि भैया के ऑफिस में काम बहुत है और अगले 20-25 दिन वो घर नहीं आयेंगे।
तो मैंने भाभी को समझाया और उनके घर भेज दिया।
पर भाभी की तन की प्यास बढ़ती जा रही थी।
वो एक दिन मेरे पास आई और उन्होंने मुझसे कहा- प्रतीक तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो!
मैंने कहा- भाभी आप भी मुझे अच्छी लगती हैं!
उन्होंने एकदम से मुझे अपने गले लगा लिया।
मैंने भाभी को दूर करते हुए कहा- भाभी, यह आप क्या कर रही हैं?
भाभी ने कहा कि वो मुझे बहुत पसंद करती हैं और मुझसे प्यार करती हैं।
मैंने कहा- भाभी, यह गलत है!
तो उन्होंने कहा- कुछ गलत नहीं है! अगर उन्हें प्यार नहीं मिला तो वो मर जाएँगी!
मैंने भाभी से कहा- भाभी! आप अभी अपने घर चली जाएँ!
पर भाभी एकदम मेरे पास आ गई और उन्होने मुझे बाहों में भर लिया। पहले तो मैं उन्हें दूर करने लगा पर थोड़ी देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा। भाभी के बड़े बड़े स्तन मेरे सीने से टकराने लगे।
मैंने भाभी को कसकर अपनी बाहों में भर लिया और उन्हें चूमने लगा। मैंने अपने होंठ उनके रसीले होंठों पर रख दिए, मैं ऐसे ही उनके होंठ चूसने लगा। क्या रसीले होंठ थे उनके!
10-15 मिनट उनके होंठों को चूसने के बाद मैंने अपना एक हाथ भाभी की चूचियों पर रख दिया और दूसरा उनकी गांड पर रख दिया। मैं भाभी की चूचियों को ऊपर से ही दबाने लगा। वो आह आह की सिसकारियाँ निकालने लगी।
मैंने धीरे से भाभी की साड़ी खोल दी और अलग फ़ेंक दी। मैंने धीरे-धीरे भाभी का ब्लाउज़ और पेटीकोट भी निकाल कर अलग कर दिए। अब भाभी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। क्या गज़ब की लग रही थी- लग रहा था जैसे कोई स्वर्ग की अप्सरा सामने खड़ी हो!
मैं फिर से भाभी को चूमने लगा। भाभी ने मेरे कपड़े भी निकाल दिए। फिर हम दोनों एक दूसरे को चूमते-चूमते बिस्तर पर आ गए। मैंने अब भाभी के ब्रा का हुक खोल दिया। अचानक उनकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे सामने आ गई। उनकी चूचियां बहुत ही गोरी थी। मैं उनकी एक चूची अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे हाथ से दूसरी चूची दबाने लगा। भाभी अलग तरह की आवाजें निकालने लगी। मैंने इसी बीच भाभी की पैंटी भी निकाल दी और दो ऊँगलियाँ उनकी चूत में घुसा दी। वो सिसकारियाँ भरने लगी।
फिर भाभी के पूरे बदन को चूसता हुआ उनकी चूत चाटने लगा। वो अजीब तरह की आवाजें निकलने लगी। मैं उनकी चूत बहुत तेजी से चाट रहा था। फिर मैंने अपनी जीभ भाभी की चूत में घुसा दी। भाभी को अब बहुत मज़ा आने लगा था, वो मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में और अन्दर तक दबाने लगी।
मैं भी मज़ा ले लेकर उनकी चूत चाट रहा था। आधा घंटा चूत चाटने के बाद भाभी ने सारा पानी में मेरे मुंह में ही छोड़ दिया। मैंने उनका सारा पानी पी लिया। अब मैं भाभी की चूत में दो ऊँगलियाँ डालकर अन्दर बाहर कर रहा था। उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने अपना आठ इंच का लंड उनके मुँह के पास रख दिया और उनसे कहा- आप इसे चूसो!
भाभी ने बिना संकोच किये मेरा पूरा का पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और एक चुदक्कड़ की तरह चूसने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग की सैर कर रहा हूँ। कुछ देर लंड चूसने के बाद मैंने भाभी के मुँह में ही अपना सारा वीर्य छोड़ दिया। वो मेरा सारा का सारा वीर्य पी गई और मेरे लंड को भी चाट कर साफ़ कर दिया।
अब मैं और भाभी दोनों ही बहुत गर्म हो गये थे। मैंने भाभी को बिस्तर पर सीधा लेटाकर अपने लंड का अग्र भाग उनकी चूत के मुख पर रखा और भाभी के होंठो को चूमते हुए एक जोर का धक्का लगाया। मेरा लंड उनकी चूत को चीरता हुआ आधा उनकी चूत में घुस गया। भाभी के मुँह से एक तेज़ चीख निकली पर मैंने अपने होंठों से उनकी चीख दबा ली। भाभी की चूत में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। शायद भैया का लंड बहुत छोटा था जिसके कारण भाभी की चूत की झिल्ली अभी तक टूटी नहीं थी।
मैंने जब भाभी से पूछा तो उन्होंने कहा- मुझे बहुत दर्द हो रहा है, तुम अभी जरा भी हिलना मत!
उन्होंने मुझे साथ ही यह भी बताया कि तुम्हारे भैया का लण्ड केवल तीन इंच का है और वो भी पतला!
कुछ ही देर में भाभी का दर्द थोड़ा कम हुआ। उन्होंने मुझे इशारा करते हुए अपने चूतड़ ऊपर उठाने लगी। मैंने इशारा देखकर एक और तेज झटका मारा, इस बार मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में प्रवेश कर चुका था। भाभी को बहुत दर्द हुआ, उन्होंने मुझे फिर रुकने के लिए कहा लेकिन इस बार मैंने उनकी नहीं सुनी और अपना लंड अन्दर बाहर करता रहा। भाभी को बहुत दर्द हुआ, उनके आंसू तक निकल गए।
थोड़ी देर ऐसे ही करते रहने के बाद उनका दर्द कम हुआ और वो भी मज़े लेने लगी। अब मैं उनको बहुत तेजी से चोद रहा था, वो भी अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी।
अचानक भाभी ने मुझे कस कर पकड़ लिया और अपना पानी छोड़ दिया लेकिन मेरा लंड अभी भी पूरे जोश में था। मैं उनको चोदता रहा! उनको बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने भाभी को उठाकर कुतिया की तरह बनने को कहा। वो आगे की तरफ झुककर कुतिया की तरह पलंग पर बैठ गई। मैंने अपना लंड पीछे से उनकी चूत में डाल दिया। इस बार एक ही बार में मेरा पूरा लंड उनकी चूत की अंतिम सीमा तक घुस गया। अब मैं उनको बहुत जंगली तरीके से तेज़ तेज़ चोद रहा था।
अचानक मुझे लगा कि मेरा पानी छुटने वाला है। तब मैंने भाभी से पूछा- मेरा वीर्य निकलने वाला है, कहाँ पर निकालूँ?
तो उन्होंने मुझे कहा- मेरी चूत के अन्दर ही छोड़ दो!
मैंने कहा- ठीक है!
और मैंने अपना सारा वीर्य उनकी चूत में ही छोड़ दिया और उनके ऊपर चूत में लंड डालकर लेट गया।
उसके थोड़ी देर बाद हम दोनों उठे और बाथरूम में एक साथ चले गए और भाभी ने मेरा लंड मुँह से चाट कर साफ़ किया और मैंने उनकी चूत चाट कर साफ़ की। हम दोनों ने एक साथ शावर लिया और नहाते हुए ही हमने एक बार और सेक्स किया।
मैंने भाभी को चोदते हुए कहा- मैं आपकी गांड भी मरना चाहता हूँ!
तो भाभी ने कहा- अब तो मैं पूरी की पूरी तुम्हारी ही हूँ! तुम जो चाहो मेरे साथ कर सकते हो!
अब मैं भाभी को जब चाहता हूँ चोद देता हूँ। वो भी मुझसे चुदने का मौका देखती रहती हैं। अब हमारे सम्बन्ध के बारे में भाभी की छोटी बहन को भी पता चल गया है।
भाभी ने मुझे एक दिन चुदाई करते वक़्त बताया- मेरी बहन को सब मालूम पड़ गया है और वो भी चुदना चाहती है तुम से!
मैं तो यह सुनकर खुश हो गया और भाभी की बहुत तेज़ चुदाई करने लगा।
मैंने भाभी की गांड भी मारी और उनकी छोटी बहन की सील भी तोड़ी, यह सब मैं अपनी अगली कहानी में बताऊंगा। Antarvasna
हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम सुंदर है Antarvasna और मैं बंगलोर में रहता हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी हैं। उन्हें पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी अपनी कहानी सभी लोगों को बतानी चाहिए।
वैसे तो मेरा घर दिल्ली में है पर अब से दो साल पहले ही मेरा तबादला बंगलोर में हो गया था। मेरी उम्र २७ साल है और मेरा रंग गोरा, सुडोल शरीर है और मेरा लण्ड ८’’ लम्बा और २.५ ’’ मोटा है। मेरे घर (दिल्ली)में मेरी मॉम, डैड, मेरे बड़े भैया और भाभी जी रहते हैं।
अब मैं सीधे कहानी पर आता हूँ, मैं एक बहुत ही सेक्सी किस्म का इन्सान हूँ।
ये कहानी मेरी और मेरी भाभी की है। अब से ६ साल पहले की बात है।
मुझे नग्न काम-कला वाली फिल्मों का बहुत शौक है। उस समय मैं रोज एक मूवी लाता था और देख कर मुठ मारता था। ये बात शायद मेरी भाभी को पता चल गई थी। एक बार मेरे मॉम डैड कुछ काम से १ महीने के लिए हमारे गाँव गए हुए थे। मैं रोज़ रात को सेक्सी मूवी देखने के बाद मुठ मर के ही सोता था। हमारा घर दो मंजिला है, मैं और मेरे भैया भाभी दूसरी मंजिल पर रहते थे और मेरा कमरा भाभी के बाजू में ही था।
एक रात को मैं मूवी देख रहा था तो मेरे को लगा कि कोई मेरे कमरे में झांक रहा है मैं देखने के लिए जैसे ही बाहर आया तो मैं अपनी भाभी को अंदर कमरे में जाते देखा। मैंने देखा कि भाभी ने कमरे का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला ही छोड़ दिया और खिड़की भी खोल दी। फिर मैं छुप कर देखने लगा कि अन्दर क्या हो रहा है।
तब मैंने देखा कि भैया सो रहे थे और भाभी ने उनकी लुंगी खोल कर उनका लण्ड चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद उन्होंने एक एक करके अपने सभी कपड़े खोल दिए और नंगी हो गई और मेरी तरफ अपनी गांड करके बड़े ही सेक्सी ढंग से भैया का लण्ड चूसने लगी। फ़िर थोड़ी देर बाद भैया के ऊपर चढ़ कर अपनी चूत में लण्ड डाल कर बड़े सेक्सी ढंग से ऊपर नीचे होने लगी और पीछे मुड़ कर मुझे देखने लगी और जोर जोर से सीत्कार करते हुए भैया से चोदने के लिए कहने लगी।
तब मैं समझ गया कि भाभी मुझे ही यह सब दिखा रही हैं। भैया नीचे से जोर लगा कर भाभी को चोदने लगे, भाभी मेरी तरफ़ बड़े सेक्सी तरीके से देख रही थी। थोड़ी ही देर में भैया झड़ गए और भाभी को बोलने लगे- अब बस कर !
तब मैंने देखा कि भाभी प्यासी ही रह गई।
भाभी ने भैया से कहा- मैं हमेशा प्यासी ही रह जाती हूँ !
तो भैया उन्हें प्यार से बोले- जानू ! मैं क्या करूँ?
तभी भैया को ना जाने क्या ख्याल आया और बोले- तू सुंदर से क्यों नहीं सम्बंध बना लेती।
भाभी पहले गुस्से में बोली- तुम्हारा दिमाग तो ठीक है?
फ़िर भैया के जोर देने पर मान गई। मैं यह सब खिड़की पर खड़ा सुन रहा था। मैं अपने कमरे में जाकर लेट गया, काफ़ी देर बाद मुझे नींद आई। सुबह जब मैं उठा तो आठ बज चुके थे और भैया ऑफिस जाने को तैयार थे, तब भैया बोले कि सुंदर आज तुम कॉलेज नहीं जाना घर का थोड़ा ख्याल रखना, तुम्हारी भाभी की तबियत कुछ ख़राब है !
मैं हाँ बोला और नहाने चला गया। उसके बाद जब मैं तैयार हो कर नाश्ता कर रहा था तो भाभी बहुत ही सेक्सी गाऊन पहन कर आई। उन्हें देख कर और रात की बात याद कर के मेरा लण्ड खड़ा होने लगा पर मेरी हिम्मत नहीं हुई और भाभी भी मुझे कुछ नहीं बोल पाई।
इस तरह दोपहर के दो बज गए।
तब भाभी ने मुझे कहा- मेरे सर में दर्द हो रहा है। क्या तुम मेरे विक्स लगा दोगे?
मैं बोला- जी भाभी !
मैं उनके कमरे में चला गया। जब मैं विक्स लगा रहा था तो भाभी धीरे धीरे कराह रही थी।
मैं बोला- भाभी ! बहुत दर्द हो रहा है?
भाभी बोली-हाँ ! बहुत दर्द हो रहा है।
मैं और जोर से सर दबाने लगा।
तब भाभी बोली- मेरे सीने में भी दर्द हो रहा है।
मैं थोड़ा घबराया और बोला- लाओ मैं वहाँ पर भी विक्स लगा देता हूँ, कुछ आराम मिलेगा।
वो कुछ नहीं बोली। फ़िर क्या था, मैंने फ़ौरन थोड़ी विक्स निकाली और उनके बड़े बड़े स्तनों पर विक्स लगाने लगा। वो सीत्कारने लगी। मैं दोनों बूब्स बारी बारी से दबा रहा था। मैने देखा- भाभी अपने गाउन के उपर से अपनी चूत को सहला रही थी। तब तक मैं भी पूरी तरह से गरम हो गया था, मैने झट से कहा- भाभी क्या तुम्हारी चूत में भी दर्द है?
मेरी ये बात सुनकर वो मुझसे चिपक गई और बोली- राजा ! चूत की वजह से ही तो मेरे स्तनों में दर्द है !
यहाँ मैं आपको बता दूँ मेरी भाभी और मुझे गन्दी गन्दी बातें करते हुए चुदाई में बहुत मजा आता है !
फिर तो मैं भी उनसे चिपक गया और उनके गाउन को उतार फेंका। अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी थी क्योंकि उन्होंने सुबह से ही कोई अंडर-गारमेंट नहीं पहना था। उसे नंगा कर के मैं पहले तो उसे देखता रहा फिर वाऽऽओ ! किया।
क्या फिगर है ३४ ३२ ३६ वाऽऽओ !
फिर मैंने उनकी चूत देखी, क्या गुलाबी चूत थी ! मैंने झट से उनकी चूत से मुंह लगा दिया और उनकी चूत को चाटने लगा।
वो बोली- हाँ जानू चाटो मेरी चूत को !
चूत सुनते ही मैं बोला- जानू मुझे चुदाई करते हुए गन्दी गन्दी बातें बोलना अच्छा लगता है, तुम मुझसे ऐसे ही चूत और लण्ड बोल बोल कर ही चुदाई करवाना !
वो बोली- मुझे भी ऐसे ही चुदाई में बहुत मजा आता है।
मैंने उसकी चूत को करीब आधे घंटे तक चाटा और वो इस दौरान कम से कम तीन बार झड़ चुकी थी। मैंने वैसे भी बहुत सारी मूवी देखी थी तो मैं उसी तरह से उसकी चूत को चाट रहा था और ऊँगली कर रहा था। वो जोर जोर से बोल रही थी- ऐसे ही चाटो मेरी चूत को ! आज पहली बार कोई मेरी चूत को चाट रहा है। तुम्हारे भैया तो चाटते ही नहीं हैं और न ही मुझे शांत करते हैं !
मैं चूत में ऊँगली करते हुए बोला- रात को मैंने सब देखा था !
तो वो बोली- तुमसे चुदवाने के लिए ही तो मैंने तुम्हारे भैया से रात को तुम्हें दिखाते हुए ही चुदवाया था।
फिर वो बोली- मुझे अपना लण्ड दिखाओ !
तब मैंने अपना लोअर निकाल दिया। वो देखते ही बड़ी खुश हुई और बोली- वाऽऽओ ! तुम्हारा लण्ड तो बहुत बड़ा है, आज मजा आयेगा !
मैं बोला- भाभी ! इसको अपने मुंह में नहीं लोगी?
तब झट से उन्होंने मेरा लण्ड पकड़ा और मुंह में डाल कर चूसने लगी।
मुझे बड़ा मजा आ रहा था, उनका मुंह बहुत गरम था, थोड़ी ही देर में मैं उनके मुंह में झड़ गया और वो सारा का सारा मेरा रस पी गई और बोली वह क्या रस है तुम्हारा ! आज पहली बार मैंने किसी लण्ड का रस पिया है !
फिर थोड़ी देर बाद वो फिर से मेरा लण्ड चूसने लगी। थोड़ी ही देर में मेरा लण्ड फिर से खडा हो गया। तब मैं बोला- भाभी ! अब मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ !
तो वो बोली- पहले मुझे गन्दी गन्दी गाली दो और मुझे अपनी रांड कहो तो मैं तुम्हें अपनी चूत दूंगी।
ये सुनते ही मैं बहुत खुश हुआ और बोला- साली रांड ! आज मैं तेरी चूत फाड़ कर रहूँगा। कुतिया ! तुझे इतनी बुरी तरह से चोदूंगा कि तू भी याद रखेगी !
फिर मैंने उसके बाल पकड़े और उससे बेड पर गिरा दिया और उसके बदन पर काटने लगा। वो कराहने लगी। तब मैं बोला- साली रण्डी ! तुझे मेरे भाई से संतुष्टि नहीं मिलती ! आज देख मैं तेरी चूत फाड़ कर रख दूंगा !
तो वो बोली- साले हरामी ! तेरे भाई के लण्ड में तो मुझे शान्त करने की हिम्मत ही नहीं है और तू कया मुझे चोदेगा ,मैंने झट से उसके मम्मे इतनी जोर से दबाये कि वो चिल्ला पड़ी और बोली थोड़ा धीरे पर मैं तब तक पागल हो गया था और एक साथ उसके उपर आ गया और उसकी चूत में अपना लण्ड रगड़ने लगा वो बोली गांडू लण्ड को चूत पर सहलाता ही रहेगा या इससे चूत में डालेगा भी मैंने झट से अपना लण्ड एक जोरदार झटके से उसकी चूत में डाल दिया। वो चिल्ला पड़ी और बोली- प्लीज़ इसे निकालो ! मुझे दर्द हो रहा है ! तुम्हारा बहुत बड़ा है !
पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैंने एक और झटका दिया और मेरा आधे से ज्यादा लण्ड चूत में चला गया। वो रोने लगी। फिर मैं तेज तेज से उसे चोदने लगा और बोला- बोल साली रंडी ! मजा आ रहा है? अब बोल मेरा लण्ड तो आराम से ले सकती है?
वो रोते हुए बोली- प्लीज़ सुंदर ! इसे निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है !
मैं बोला- जानू बस अब तो पूरा लण्ड चूत में घुस गया है, अब तू मजे ले !
और थोड़ी देर के लिए शांत हो कर उसके बूब्स को और उसके होंटो को चूसने लगा। थोड़ी देर में वो भी जोश में आ गई और बोली- हाँ जानू ! अब मुझे जोर जोर से चोदो !
और किलकारियां मारने लगी- अऽआऽऽआहऽहऽह ओऽऊऽऽओ ओहऽहह !
मैं भी जोश में था, मैं और जोर जोर से चोदने लगा। वो चुदाई के दौरान करीब तीन बार झड़ी। फिर आखिर में मैं और वो एक साथ झड़े और एक दूसरे से चिपक कर काफी देर तक लेटे रहे।
तब तक ७ बज चुके थे। हम उठे और भाभी ने भैया को फ़ोन करके कहा कि कुछ खाने को ले आयें आज उनकी इतनी हिम्मत नहीं है कि कुछ पका सकें।
और इस के बाद हमें जब भी मौका मिलता हम चुदाई करते ..Antarvasna
The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first.
We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.